क्षत्रिय मराठा समाज नीमच द्वारा ऐतीहासीक वाहन रेली का आयोजन कर छत्रपति श्री शिवाजी महाराज के 393 वी जयंती महोत्सव पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया
नीमच, क्षत्रिय मराठा समाज नीमच द्वारा पहली बार भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नीमच सिटी शिवाजी प्रतीमा पर विधायक नीच श्री दिलीप परिहार द्वारा माल्र्यापण कर वाहन रेली पीपली चैक से शुरू हो कर बस स्टैंड होते हुए...फवारा चैक होते हुए..रतन स्वीट्स होते हुए.. मां तुलजा भवानी मंदिर पर समाप्त हुई। वाहन रैली में डीजे एक फूलो से सजी हुई खुली जीप में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ समस्त समाज जन अपने अपने वाहन कार, बुलेट, मोटरसाइकिल, स्कूटी पर शामिल हुए। मराठा समाज नीमच में वर्ष 2023 का शिवाजी जयंती महोत्सव एतिहासिक बन गया।
क्यों मनाई जाती है शिवाजी महाराज जयंती?
भारतीय शासक शिवाजी महाराज एक ऐसे वीर शासक थे, जिन्होंने मराठा साम्राज्य की नीव रखी। इन्हें कई लोग हिन्दू सम्राट के नाम से भी उल्लेखित करते हैं। शिवाजी की हुंकार से दुश्मनों की रूह कांप जाती थी। छत्रपति शिवाजी का लोहा मुगलों ने भी माना था। अपने साम्राज्य तथा धर्म की रक्षा करने वाले शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी महाराष्ट्र में हुआ था। इनके पिता जी शाहजी भोंसले एक सेनापति थे और माता जीजाबाई एक धार्मिक प्रवृति की महिला थी। शिवाजी को अपने माता-पिता धर्म और कर्म का ज्ञान प्राप्त हुआ। शिवाजी ने 1674 में पश्चिमी भारत में मराठा साम्राज्य को स्थापित किया। शिवाजी ने अपनी एक नौसेना भी बनाई। बचपन से ही सामंती प्रथा का विरोध करने वाले छत्रपति शिवाजी की जयंती हर वर्ष 19 फरवरी को मनाई जाती है। इस दिन शिवाजी के विचारों और वीर गाथाओं को याद किया जाता है।
